LED क्या है | LED Full Form In Hindi

LED Full Form In Hindi

LED क्या है, ये कैसे काम करता है, ये कितने तरीके के होते है, इसका इस्तेमाल कहां होता है, इसे इस्तेमाल करने के क्या फायदे है, इसे इस्तेमाल करने के नुकसान क्या है, LED और Diode में क्या अंतर है, LED और LCD में क्या अंतर है ये सारी जरूरी जानकारी मैं आपको इस Post में देने जा रहा हूं। इस Post को अंत तक पढ़े ताकि आप LED से जुड़े सभी तथ्यों को समझ सके।

LED Full Form In Hindi

LED का Full Form Light Emitting Diode (प्रकाश उत्सर्जक डायोड) होता है। ये अलग-अलग shape और size में आपको देखने के मिल जाएंगे। जिस LED का इस्तेमाल हम सभी करते है उसे Through Hole LED’s कहा जाता है।

LED के दो wires होते है पहले Anode और दूसरे Wire को Cathode कहा जाता है। इन दोनों wires के अलग अलग नाम होते है, LED हमेशा एक ही Direction में Work करता है। Electronic Parts जो की एक ही direction में काम करता है उसे ही हम Diode कहते है।

LED क्या है? 

LED एक P-N Junction Diode होता है जब उसमे Current दिया जाता है तो Light का उत्सर्जन आगे (Forward Direction) की दिशा में होता है। LED के अंदर चार्ज कैरियर का पुनर्संयोजन होता है। N-Side से इलेक्ट्रॉन और P-Side से छेद combine होते हैं, heat और light के form में ऊर्जा प्रदान करते है।

LED अर्धचालक (Semiconductor) material से बना होता है जो की बेरंग (colourless) होता है। एलईडी में Diode के Junction के माध्यम से प्रकाश का विकिरण होता है।

एलईडी का ज्यादातर उपयोग Segmental, numeric और alphanumeric character के dot matrix को दर्शाता है। कई सारे LED’s का उपयोग single line segment के लिए होता है और एक एलईडी का इस्तेमाल decimal point segment बनाने के लिए होता है।

LED का निर्माण

P-material को एलईडी का Surface माना जाता है क्योंकि चार्ज कैरियर का पुनर्संयोजन P-type material में होता है। Emission of Light को Maximum करने के लिए Anode Deposition P-type material के edge में होता है।

इसमे इस्तेमाल होने वाला Cathode Gold Film का बना होता है और ये N-Region के नीचे के हिस्से में लगा होता है। Light के Reflection को Surface तक पहुचाने के लिए भी Cathode के Gold layer का इस्तेमाल किया होता है।

एलईडी के manufacturing में gallium arsenide phosphide का इस्तेमाल भी किया जाता है जो की emit करते है Red और Yellow Light के Emission को। एलईडी Light कई सारे Color में Available होते है जैसे Red, Green और Yellow. एलईडी के Power को On/Off करने के लिए Simple Transistor का इस्तेमाल होता है।

LED कैसे काम करता है?

LED के काम करने का Process Quantum Theory पर depend करता है।

LED Quantum Theory
Quantum Theory

Quantum Theory:- हमें Quantum Theory ये बताता है की जब Electron की Energy Decrease होकर Higher Level से Lower Level पर आती है तो ये Energy Emit करते है वो भी Photon के form में। Photons की Energy Higher Level और Lower Level के Gap के बराबर होती है।

हम आपको बता दे एलईडी Forward Biased में Connected होता है जो की Current के Flow को Forward Direction की ओर रखता है। हम सभी जानते है की Current की Flow का कारण Electrons का Opposite Direction में Movement होता है।

ये recombination हमे दिखाता है की Electrons Conduction Bond से Valance Bond की तरफ जाते है। वो Electromagnetic Energy Emit करते है Photon के Form में। इन Photons की Energy Conduction Bond और Valance Bond के Gap के बराबर होती है।

LED के Advantages

अब हम बात करने वाले है एलईडी से जुड़े कुछ फायदों ले बारे में।

  • एलईडी में high efficiency होती है, लेकिन उन्हें संचालन के लिए moderate power की आवश्यकता होती है। एलईडी को काम करने के लिए कम से कम 1.2V voltage और 20mA Current की जरूरत होती है। इसी कारण काफी बार एलईडी काम Voltage में भी काम करते है।
  • एलईडी Size में बहुत छोटे होते है, High Density Matrix में Numerical और Alphanumerical Display बनाने के लिए उन्हें एक साथ रखा जा सकता है।
  • एलईडी के Light के Output की Intensity उसके अंदर बह रहे Current पर निर्भर करता है। हम इनके Light के Output Intensity को Current के बहाव के माध्यम से Control कर सकते है।
  • एलईडी बहुत किफायती और बजट के अंदर आ जाते हैं और इनकी विश्वसनीयता पर भी कोई सवाल नही उठा क्योंकि वे उसी तकनीक के साथ निर्मित होते है जैसे ट्रांजिस्टर को किया जाता है।
  • एलईडी आपको अलग अलग रंगों में मिल जाएंगे जैसे Red, Yellow, Green और Amber. 
  • एलईडी का On/Off Time 1 Nanoseconds से भी कम होता है क्योंकि इन LED’s का इस्तेमाल Dynamic Operations के रूप में होता है।

LED के Disadvantages

एलईडी का वैसे तो कोई Disadvantages नही होते है लेकिन जब हम इनको LCD’s के साथ compare करते है तो पता चलता है की एलईडी काफी ज्यादा Power Consume करती है LCD से Comparison में।

LED और LCD में अंतर 

LEDLCD
जब हम P-N Junction में Electric Charge Pass करते है तो वो Visible Light Discharge करता है। ये एक Optical Device होता है जिसकी मदद से हम Text और Image जैसे Information को Display करा सकते है। 
एलईडी का Full-Form Light Emitting Diode होता है। LCD का Full-Form Liquid Crystal Display होता है।
एलईडी में Backlight नहीं होता है।LCD में Backlight होता है जिसका कारण Cold Cathode Fluorescent Lamp होता है।
एलईडी का Resolution बहुत ही ज्यादा high होता है।LCD का Resolution Low होता है। 
एलईडी को ज्यादा Power Requirement की जरूरत होती है।LCD को कम Power Requirement होती है।
एलईडी का Display Area बहुत कम होता है।LCD का Display Area बहुत ज्यादा होता है।
एलईडी की Cost high होती है लेकिन उतनी भी नही की कोई आम आदमी उसे न खरीद सके।LCD की Cost काफी कम होती है।
एलईडी को बनाने में Gallium arsenide phosphide material का इस्तेमाल होता है। LCD को बनाने में Liquid crystals और glass electrodes जैसी material का उपयोग होता है।
एलईडी में Mercury का इस्तेमाल नहीं होता है।LCD में Mercury का इस्तेमाल होता है। 
Direct Current एलईडी पर कोई बुरा प्रभाव नहीं डालता।Direct Current LCD के जीवन काल को कम कर देता है।

अंतिम शब्द

एलईडी से जुड़ी सारी की सारी जानकारी मैंने आपको इस Post में देने की कोशिश की है। एलईडी क्या है, ये कैसे काम करता है, इसमे किस तरह के मटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है, सारी चीज़ें मैंने आपको इस post में बता दी। आशा करता हूं की आपको मेरा ये post अच्छा लगा होगा, अगर आपका कोई सवाल है तो नीचे Comment में लिखें। 

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Suraj Jha

Hello Friends, मेरा नाम Suraj Jha है और मैं "Divineseo" का Founder हूँ , मैं पिछले २ सालो से SEO, Affiliate Marketing, Email Marketing, PPC Advertising जैसे Fields के बारे में study कर रहा हूँ इस वेबसाइट पर मैंने अपने expriences को शेयर किया है.

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3 Comments

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