CMO Ka Full Form In Hindi [Update 2022]

CMO ka full form in hindi: क्या आप CMO के बारे में जानना चाहते है? आज इस पोस्ट में मैं आपको CMO के बारे में सारी जरूरी बातें बताने की कोशिश करूंगा और साथ ही आपकी सारी शंकाओं को दूर करने की भी कोशिश करना।

Table of Contents

    1. सीएमएचओ की फुल फॉर्म क्या है?
    2. CMO कौन बन सकता है?
    3. सीएमओ का कार्य क्या होता है?
  1. CMO:- Chief Marketing Officer
    1. Chief Marketing Officer की जिम्मेदारी? 
      1. Product Management (उत्पाद प्रबंधन)
      2. Marketing Communication (विपणन संचार)
      3. Market Research (बाजार अनुसंधान)
      4. Brand Marketing (ब्रांड मार्केटिंग)
    2. CMO के अंदर कौन कौन से गुण होनी चाहिए?
  2. CMO:- Chief Minister’s Office 
    1. FAQ
    2. अंतिम शब्द

CMO क्या है, cmo ka full form क्या है, यह किस क्षेत्र से ताल्लुकात रखता है, आपके यह कौन बन सकता है? यह सारी जानकारी मैं आपको यहां पर देने की कोशिश करूंगा।

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Full Form In Hindi

सीएमएचओ की फुल फॉर्म क्या है?

CMO Ka Full Form Chief Medical Officer होता है जिसे हिंदी में “मुख्य चिकित्सा अधिकारी” भी कहा जाता है। CMO हर सरकारी हॉस्पिटल के चिकित्सा विभाग के मुख्य अधिकारी को कहा जाता है। यह भी सरकार के अंदर ही आते है।

यह पोस्ट केवल Hospital के वरिष्ठ चिकित्सक को ही दी जाती है। Chief Medical Officer का काम होता है पूरे हॉस्पिटल की देखरेख करना, हॉस्पिटल के सभी बड़े निर्णय Chief Medical Officer से पूछ के ही लिए जाते है।

यह सरकार के स्वास्थ्य मामलों के प्रमुख भी माने जाते है। यह स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी मामलों में मध्यस्ता कर सकते है और  स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की टीम का नेतृत्व भी करते है। 

Chief Medical Officer का पद हमेशा एक वरिष्ठ चिकित्सक को ही दिया जाता है, यह एक ऐसा पोस्ट है जिसका काम बहुत ही ज्यादा संवेदनशील होता है इसलिए इसका पद उस व्यक्ति को ही दिया जाता है जो की उसके बारे में जानकारी रखता है। 

CMO कौन बन सकता है?

CMO बनाने के लिए आपके पास दो चीज़े होना बहुत ही जरूरी है पहला डॉक्टर की डिग्री (मेडिकल डिग्री) और दूसरा डॉक्टर के फील्ड में एक अच्छा अनुभव।

अगर आप के पास MBBS या फिर अन्य कोई डॉक्टर की डिग्री है और आपको यह पता है की अस्पताल प्रबंधन कैसे काम करता है और स्वास्थ्य के फील्ड में अनुभव है तो आप भी Chief Medical Officer बन सकते है। 

सीएमओ का कार्य क्या होता है?

  • Chief Medical Officer का काम रोज़ अस्पताल के प्रशासन, प्रबंधन और मरीज की सुरक्षा का ध्यान रखना होता है।
  • Chief Medical Officer जब चाहे तो हॉस्पिटल का निरीक्षण कर सकता है।
  • Chief Medical Officer चिकित्सकों या डॉक्टरों और दूसरे हॉस्पिटल के कर्मचारी के बीच मध्यस्थ का काम करते है।
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम और व्यय से जुड़े सारे काम भी Chief Medical Officer द्वारा ही किये जाते है।
  • जब भी स्वास्थ्य फील्ड में कोई भी नया नियम सरकार के द्वारा लागू किया जाता है तो उसे हॉस्पिटल के द्वारा पूरा करवाने का काम Chief Medical Officer के हाथों में ही होता है। 
  • हॉस्पिटल के वित्त विभाग की देख रेख और लाभ -हानि देखना भी CMO के हाथों में ही होता है। 
  • Chief Medical Officer को सरकार और हॉस्पिटल के बीच का पुल भी कहा जाता है। 

CMO:- Chief Marketing Officer

CMO का दूसरा जो सबसे लोकप्रिय Full Form है “Chief Marketing Officer”. यह आपको हर एक बिज़नेस ऑफिस में देखने को मिल जाएंगे। इनका प्रमुख काम बिज़नेस को Inbound और Outbound मार्केटिंग के तरीकों से उसका प्रचार करना होता है।

विपणन रणनीति, बिक्री प्रबंधन, ग्राहक सेवा और विपणन अनुसंधान जैसे सारे मानको को जांचना और उसपे काम करना Chief Marketing Officer के हाथों में ही होता है। अगर मैं शार्ट में बताऊँ तो Chief Marketing Officer का काम संगठन और कंपनी को आगे बढ़ना है।

Chief Marketing Officer की जिम्मेदारी?

कंपनी की वृद्धि, राजस्व और विपणन रणनीति को बनाने की जिम्मेदारी Chief Marketing Officer के सर होती है, इसलिए ये जरूरी है की एक CMO के पास बिज़नेस और मार्केटिंग की काफी अच्छी जानकारी हो। अब यहाँ पर 4 और जरूरी चीज़े है जो की CMO के हाथ में ही होती है।

Product Management (उत्पाद प्रबंधन)

उत्पाद प्रबंधन के अंदर प्रोडक्ट डेवेलपमेंट और प्रोडक्ट मार्केटिंग के अंदर आते है। बिज़नेस ग्रोथ और मार्केटिंग शेयर को बढ़ाने में उत्पाद का बहुत अहम रोल होता है।

उत्पाद की गुणवत्ता ही आपके ग्राहकों को हमेशा आपके उत्पाद को खरीदने के लिए मनाना करती है और उस उत्पाद के Ads नए ग्राहकों को जोड़ते है ये सारे काम भी एक CMO ही करता है। 

Marketing Communication (विपणन संचार)

इसके अंदर विज्ञापन, प्रायोजित कार्यक्रम और प्रत्यक्ष विपणन जैसे चीज़े आती है। इनका काम होता है ये देखना की आखिर एक कंपनी किस तरह मार्किट में अपने कम्युनिकेशन को ताकतवर बना सकती है।

इसके अलावा किस तरह कंपनी और उसके वस्तु से जुड़ी बातो तो लोगों तक पहुँचाना है इसका भो ध्यान CMO को ही रखना पड़ता है। 

Market Research (बाजार अनुसंधान)

ये एक बहुत ही जरूरी और कठिन प्रक्रिया होती है, यहाँ पर आपको एक मार्किट के बारे में जानकारी जमा करनी पड़ती है की आखिर उस मार्किट में किस तरह के उत्पाद और किस तरह की कंपनी का कब्जा है।

अब यहाँ पर मार्किट का मतलब उन लोगों या जगहों है जिसके लिए आपकी कंपनी उत्पाद बना रही है। इसी सब को जानने के लिए ग्राहक सर्वेक्षण, समूह चर्चा और वितरक सर्वेक्षण कराया जाता है। 

Brand Marketing (ब्रांड मार्केटिंग)

ब्रांड मार्केटिंग में CMO का काम मार्किट और कंपनी के बीच में एक स्वस्थ सम्बन्ध को बनाना करना होता है। ये किन किन तरीकों से किया जा सकता है इसपे विचार भी CMO को ही करना होता है। 

CMO के अंदर कौन कौन से गुण होनी चाहिए?

इस पोस्ट को हासिल करना सब के हाथों में नहीं होता। कुछ ऐसी गुण होती है जो की CMO के अंदर होनी ही चाहिए ताकि वो एक कंपनी के सफलता का कारण बन सके। 

सबसे पहले तो आपको मार्केटिंग के क्षेत्र में स्नातक की डिग्री लेनी होगी। काफी कम्पनियाँ में आपसे मार्केटिंग या बिज़नेस के क्षेत्र में MBA की डिग्री भी मांगी जाती है। इसके अलावा एक CMO को मार्केटिंग में काफी सालों का अनुभव होना भी जरूरी है। 

अन्य दूसरे गुण जो की हर CMO के अंदर होने चाहिए:-

  • नेतृत्व की गुणवत्ता की जरूरत
  • संचार कौशल काफी अच्छी होनी चाहिए
  • Data analysis करना आना चाहिए
  • Digital Marketing और Social Media Marketing में काफी अच्छी पकड़ होनी चाहिए

CMO:- Chief Minister’s Office 

CMO का तीसरा Full Form “Chief Minister Office” होता है। इसे प्रदेश के मुख्यमंत्री का कार्यालय भी कहा जाता है। जैसे प्रधान मंत्री के कार्यालय को PMO कहा जाता है वैसे ही मुख्यमंत्री के कार्यालय को CMO कहा जाता है।

ये कोई नई चीज नही है जो मैं आपको बता रहा हु। भारत की राजनैतिक गतिविधियों को जानने वाले लोगों को इस बारे में जरूर पता होगा। यही से CM राज्य के काम काज को देखते है। 

FAQ

सीएमओ कौन सा अधिकारी होता है?

सीएमओ को मुख्या चिकित्सा अधिकारी के साथ ही वरिष्ठ अधिकारी भी कहा जाता है इनका प्रमुख कार्य सरकारी हॉस्पिटल के विभिन विभाग में हो रहे कार्यो की देख रेख करना होता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी की सैलरी कितनी होती है?

भारत में Chief Medical Officer की सैलरी 3 लाख से लेकर 6 लाख तक होती है। वैसे हम सभी जानते है की मेडिकल क्षेत्र में सैलरी कितनी अधिक होती है इसलिए काफी हॉस्पिटल अपने Chief Medical Officer को इससे ज्यादा भी सैलरी दे सकते है और देते भी है। 

अंतिम शब्द

CMO ka Full Form और उसके बारे में सारी जरूरी जानकारी में मैंने आपको इस पोस्ट में देने की कोशिश की है अगर आपको मेरा यह Post अच्छा लगा तो तुरंत हमें कमेंट कर के बताए।

अगर आपको इस विषय से जुड़े कोई दिक्कत है या फिर सवाल है तो वो भी हमें नीचे कमेंट करके बताये, मैं आपको जल्द से जल्द कमेंट करने की कोशिश करूंगा। अन्य कोई विषय अगर आप हमें लिखने के लिए सुग्गेस्ट करना चाहते है तो वो भी नीचे कमेंट करके बता दे।

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